ESSAY TOPIC RIGHT TO PRIVACY
CREATION AND PRESENTATION BY ADV.PANKAJ JOSHI
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भारतीय संस्कृति और निजता के अधिकार में एक अटुट बंधन है ।प्राचीन भारत में निजता के अधिकार का उल्लघंन दंड की परिधी में आता था।निजता का अधिकार एक विचारणीय और एक अति महत्व पुर्ण प्रशन है जो विकासशील समाज के लिए एक अपरिहार्य अंग है।यह अधिकार एक अभेद कवच के समान है जो समाज की अनुचित हस्तक्षेप से रक्षा करता है ।अत यह एक रक्षक की तरह काम करता है।
इस प्रकार निजता के अधिकार को अनु,21 के अन्तर्गत प्राण व दैहिक स्वतन्त्रता के अधिकार के आंतरीक भाग के रुप में ओर संविधान के भाग 3 द्वारा गांरटीक्रत हिस्से के रूप में संरक्षित किया गया है।किसी व्यक्ति के निजी जीवन में हस्तक्षेप करना ना तो प्रशंसनीय ना ही सराहनीय है।
तकनीकी विकास ने इस ज्वलंत समस्या के लिए आग में घी का काम किया है।आंतकवाद विरोधी अभियानों के लिए गोपनीयता एक चर्चा का विषय है और ऐसे अभियानो के लिए गोपनीयता का अधिकार रास्ते की सबसे बड़ी बाधा है । साईबर अपराधी अपना उत्लु सीधा करने के लिए लोगो की निजी जानकारी चुरा लेते हैं जो गैर कानुनी गतिविधी उनके जीवन और जीवन की खुशियों का विनाश कर देती है।
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