ESSAY NO.1 RIGHT TO PRIVACY PART 4.

निजता के अधिकार को तय करने के लिए कुछ मानक स्थापित किए जाने चाहिए और एक सुनिश्चित दायरा रेखांकित किया जाना चाहिए ।न्याय पालिका और कार्यपालिका के बीच टकराव पैदा नहीं होना चाहिए ।इस पेशोपेश को न्याय पालिका दुर कर सकता है क्यों की वह एक लाईट हाऊस की तरह काम करता है ।

उच्चतम न्यायलय ने अपने निर्णय के द्वारा देश‌ की गरीमा और जीवंतता का गौरव बढ़ाया है।लोकतंत्र की गरीमा‌ का मान बढ़ाया है ।निजत के अधिकार पर जो खतरे की तलवार लटकती थी उसे हमेशा के लिए नष्ट कर दिया गया है।निजता के अधिकार का उल्लघंन एक उचित और तर्क संगत कानुन करेगा ।

इस अधिकार का विस्तार भारतीय लोकतंत्र का एक अमिट और यादगार पडाव है।यह निर्णय भारतीय इतिहास का एक सुनहरी पन्ना है यह आयाम लोकतंत्र को मजबुत बनायेगा ।यह सिद्धान्त मानवता ,समानता और आधुनिकता की विचारधारा का समावेश करता है ।यह महत्व पुर्ण अधिकार अन्य शक्ति शाली अधिकारों की आधारशिला है।इस प्रकार कोई इंसान अपना जीवन प्रतिष्ठा और गौरव‌ के साथ जियेगा ।

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